तीन कृषि बिल का पारित होना किसानों की समृद्धि का खोलेगा मार्ग : शरद जाल

रायपुर, 29 सितंबर (आरएनएस)। उत्कल समाज के युवा नेता शरद जाल ने केंद्र की एनडीए सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों को किसानों के हित में ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने लिखा है इन बिल को विरोध करने वाले कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों को किसान विरोधी करार दिया है। शरद ने एक बयान में कहा है, कि केंद्र में भाजपा की नीति गठबंधन सरकार किसानों एवं सर्वहारा वर्ग के होती की रक्षा के लिए कार्य करती आ रही है ये तो उसी कड़ी में किसानों के समग्र उत्थान एवं आर्थिक उन्नति एवं उनकी आय दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार ने 3 कृषि बिल पारित कराए है कि ये विधेयक है आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020 , कृषि उपज व्यापार वाणिज्य ( सर्वधन एवं सरलीकरण ) विधेयक तथा कृषक ( संरक्षण सशक्तिकरण ) कीमत आश्वाशन और कृषि सेवा पर करार विधेयक। इन विधेयकों में आब कृषि क्षेत्र के संपूर्ण विकास एवं किसानों के समग्र कल्याण के लिए व्यापक प्रावधान किए गए है। यह बिल कृषि क्षेत्र के सुधार व किसानों की आय बढ़ाने में सहायता सिद्ध होंगी। किसान नेता पर्वत ने आगे कहा कि ,मोदी सरकार ने अनाज , दलों , प्याज आदि को अब सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिया है। इस से पहले सत्र 19 , 55 तक केंद्र सरकार द्वारा पारित विधेयक के अनुसार कृषि उपज तथा अन्य जरूरी वस्तुओं के उत्पाद की आपूर्ति वितरण की कीमत निर्धारित सरकार करती सा रही थी परन्तु आब नए बिल में प्याज , दलों , व अन्य उत्पाद की आवाजाही आपूर्ति अब निर्बाध हो सकेगी । कृषि क्षेत्र में निजी तथा विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और कृषि उपजों की आपूर्ति एवं ब्रिक्री की प्रक्रिया में वृद्धि होगी तथा आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी। श्री जाल ने कहा अब किसानों को अपनी उपज किसी भी राज्य तथा अपने गृह राज्य के किसी भी जिले में मनचाहा दरो पर बेचने की छूट दी गई है। पहले व्यवस्था की किसान अपनी उपज राज्य सरकार के अधीन कृषि उपज मंडियो में ही बेच पाएंगे और मंडियो में अपनी अनाज को बेचने के बदले किसान को भारी भरकम टैक्स चुकाना पड़ता था। कोंग्रेस शाशित पंजाब में तो मंडी टैक्स 4.5 प्रतिशत है।नई व्यवस्था के तहत किसान अब अपनी उपज की निश्चित कीमत प्राप्त कर सकेंगे। खेतों में अपनी फसल उगाने से पहले किसान अपनी उपज बेचने के लिए किसी भी व्यपारी से करार कर सकते है कि कृषि उपज की गुणवत्ता व कीमत किसान और व्यपारी मिलकर तय कर सकेंगे। उपज का स्वामित्व किसान के पास ही रहेगा। पैसा लगाते समय खाद बीज आदि पर खर्च रकम को उपज खरीदने वाले व्यपारी को लगानी होगी। उपज के परिवहन व्यपारी को देना होगा। उपज की कुल कीमत का दो तिहाई हिस्सा किसान को वयपारी उपज लेते ही देगा तथा शेष रकम 3 दिनों में चुकानी होगी। श्री जाल ने कहा है कि इन विधेयकों के पारित हो जाने से किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। उनका समग्र विकास होगा तथा भारत का कृषि क्षेत्र और भी समृद्ध होगा। उत्कल समाज के युवा नेता शरद जाल ने कहा है कि किसान हितैशी इन विधेयकों का विरोध कर कांग्रेस तथा उनके सहियोगी दल अपने किसान विरोधी चेहरे को देश के सामने ला रहे है। उन्होंने कहा है की उन विधेयकों के लागू हो जाने से किसानों एवं कृषि क्षेत्र की समृद्धि के बारे में भाजपा किसान मोर्चा कृषि जागरण अभियान चलाएगा। उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ युवा उत्कल प्रकोष्ठ के युवा नेता शरद जाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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