भ्रष्टाचार बना शिष्टाचार, मंत्रालय के एसी कमरों से कैसे नजर आएगा साहब…


रायपुर। भ्रष्टाचार यानी भ्रष्ट आचरण और ये आचरण निजी से लेकर सारे सरकारी विभागों में आम बात हो चुकी है। भ्रष्टाचार के लिए ज्यादातर आम नागरिक यानी हम देश के राजनेताओं को ज़िम्मेदार ठहराते है। लेकिन सच्चाई यह है कि देश का आम नागरिक भी भ्रष्टाचार के विभिन्न स्वरूप में भागीदार हैं। वर्तमान समय की बात करें तो अब एक भी क्षेत्र भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है। जन्म प्रमाण पत्र से लेकर मृत्यु प्रमाण पत्र में भ्रष्टाचार होता है। सड़क,बिजली, पानी, शिक्षा, खेल सभी क्षेत्रों में भ्रष्टाचार अब शिष्टाचार को स्वरूप ले चुका है।

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