भारत-चीन युद्ध हुआ तो जानिए किसका साथ देगी अमेरिकी सेना ?

ऩईदिल्ली,  व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी की ओर से एक बड़ा बयान आया है. जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी सेना भारत और चीन के बीच या कहीं और भी संघर्ष होता है तो वह मजबूती से भारत का साथ देगी. दक्षिण चीन सागर में दो विमान वाहक पोत तैनात किये जाने के बाद अमेरिका के अधिकारी का ये बयान आया है।

भारत और चीन के सैनिकों के बीच पैंगोंग सो, गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग सहित पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आठ सप्ताह से गतिरोध जारी है। हालांकि, स्थिति तब बिगड़ गई जब 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए। चीनी सेना ने गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग से सोमवार को अपने सैनिकों की वापसी शुरू कर दी।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को टेलीफोन पर बात की जिसमें वे वास्तविक नियंत्रण रेखा एलएसी) से सैनिकों के ”तेजी से” पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमत हुए। मीडोज ने कहा कि अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में अपने दो विमान वाहक पोत भेजे है।

उन्होंने कहा, ”हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया यह जाने कि हमारे पास अब भी दुनिया का उत्कृष्ट बल है।” चीन, दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में क्षेत्रीय विवादों में लिप्त है। चीन लगभग समूचे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है। वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के भी क्षेत्र को लेकर उसके दावे हैं।

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